Artificial Intelligence kya hai-आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) क्या है?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या AI एक प्रकार की बौद्धिक क्षमता होती है जिसे की बनावटी (कृत्रिम) तरीके से विकसित की गई होती है। इसे आप एक सिस्टम का कृत्रिम दिमाग़ भी समझ सकते हैं। AI का full form है Artificial Intelligence या हिंदी में इसका अर्थ है कृत्रिम होशियारी या कृत्रिम दिमाग। ये एक ऐसा Simulation है जिससे की मशीनों को इंसानी intelligence दिया जाता है या यूँ कहे तो उनके दिमाग को इतना उन्नत किया जाता है की वो इंसानों के तरह सोच सके और काम कर सके-

Artificial Intelligence kya hai

आपने भी शायद ये लक्ष्य किया होगा की आजकल जिसे देखो Artificial Intelligence की बस तारीफ किये जा रहा है। यदि आपको इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तब आपको चिंतित होने की जरुरत नहीं है क्यूंकि आज में आप लोगों को Artificial Intelligence क्या है और ये इतना जरुरी क्यूँ है के बारे में पूरी जानकरी देने जा रहा हूँ। जिससे की आपके मन में उठ रहे सारे सवालों के जवाब इस article के समाप्त होने तक आपको मिल जायेंगे।

Ai आज कल क्यों जरुरी हैं ? Why AI is important nowadays

कंप्यूटर और मशीन इंसान के काम को आसान बनता है और काफी भी समय बचाता है। Ai कंप्यूटर और मशीनों मानव बुद्धि की तरह काम करने के लिए बनाया जा रहा है। जिससे कंप्यूटर और मशीन खुद से किसी प्रॉब्लम को समझकर उसका सलूशन निकाल सकता है और उत्तम निर्णय ले सकता है।
Ai की मदत से हम अपने जीवन को सुखद बना सकते है तथा समय और ऊर्जा बचा सकते हैं। आईये कुछ उदहारण की मदत से आसानी से समझते है की Ai हमारे लिए क्यों जरूरी है।

Artificial Intelligence kya hai

उदहारण के तौर पर आप Tesla Full Self-Driving Car को ले सकते है यह Car बिना किसी ड्राइवर के चल सकता है। अगर इसकी जगह एक इंसान रहता है तो वह शराब पी कर गाड़ी चलाता है, घंटों ड्राइव करने के बाद उसे नींद आने लगता है जिससे दुर्घटना होने खतरा रहता है।
अभी जापान के बड़े होटलो में Receptionist की जगह पर एक रोबोट को रखा गया है। वह रोबोट इंसान की तरह लोगों से बात करता है और उनके लिए सेवाए प्रदान करता है।
जैसा की आपने देखा होगा की हवाई जहाज का आवागमन पूरी तरह कंप्यूटर पर ही निर्भर है मशीनें सभी चीज़ो को समझती है और निर्देश देती है। इसका मतलब यह है की एयर ट्रैफिक को पूरी तरह Ai की मदत से कंट्रोल किया जा रहा है।

Artificial Intelligence को किस प्रकार से विकसित किया जाता है?

हम लोग आज कल नए नए रोबोट के बारे में जानने लगे है. कही देशों ने इस ओर अग्रणीय काम किया है हमने अब तक इस ओर काफी कदम उठाए और सफल भी रहे है ये robots दर सर मशीनें है| ये Artificial Intelligence में नही आती है इनका जो दिमाग है वो Artificial Intelligence में आता है ये robots अपने दिमाग से decision लेती है कि उन्हें क्या करना है और आप सोचोंगे की इन दिमागों में ऐसा क्या होता है जिससे ये इतना सटीक decision ले पाते है तो मै बताना चाहूँगा इन दिमागों में computer codding होती है जो की इतनी समझदार होती है जो अपने अनुभव से उचित निर्णय ले पाती है. जैसे इन्सान लेता है इन computer codding में लिखे जाते है जिसमे step wise step ये बताया जाता है कब और क्या करना है ये algorithm को इतनी बुदिमता से लिखा जाता है की इसमें संभवत सारी स्थिति और स्थिति के अनुसार क्या निर्णय लेना है और क्या एक्शन लेना है इसका पूरा विवरण होता है

Artificial Intelligence kya hai

Artificial Intelligence (AI) का खोज

आर्टिफीसियल इंटेलिजेन्स के बारे सबसे पहले दुनिया को जॉन मैकार्थी (john Mc carthy) ने बताया था इसलिए उन्हें आर्टिफीसियल इंटेलिजेन्स का जनक कहा जाता है | जॉन मैकॉर्थी एक अमेरिकी Computer Scienceist और शोधकर्ता थे | 1956 में उनहोने Dartmouth College की एक कार्यशाला में भाग लिया और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के बारे में जानकारी दी उन्होंने बताया Artificial Intelligence एक उच्च कोटि का कंप्यूटर बिज्ञान है जिसकी मादा से मशीनों में बुद्धिमता का बिकाश किया जा सकता है अर्थात ऐसे Robots और Computer Programs बनाये जा सकते है जो मानव मस्तिक के सिद्धांत पर कार्य करें |

Artificial Intelligence के प्रकार :-

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के कई प्रकार है लेकिन मुख्य रूप से इसे 4 भागो में बांटा गया हैं –
1. पूर्णत प्रतिक्रियात्मक (Purely Reactive)
2. सीमित स्मृति (Limited Memory)
3. मस्तिष्क सिद्धांत (Brain Theory)
4. आत्म चेतन (Self Conscious)

1. पूर्णत प्रतिक्रियात्मक (Purely Reactive)-

यह पूरी तरह प्रतिक्रियात्मक होती है | यानि क्रिया के जवाब में प्रतिक्रिया करती है | जैसे डीप ब्लू चैस प्रोग्राम्स को ही ले लीजिए | यह IBM दोवारा बिकसित एक चैस प्रोग्राम था 1990 के दशक में गाररय कास्परोव को हरा दिया था | जबकि इसके पास कोई Memory नहीं था | यह अपनी पिछली चाल को याद रख पाने में सक्षम नहीं था फिर भी इसने बड़े Grandmaster को हरा दिया |

2. सीमित स्मृति (Limited Memory) –

इस केटेगरी में ऐसी मशीन को रखा है जिसके पास थोड़ी बहुत मेमोरी होती है जैसे की सेल्फ ड्राइविंग कार को ही ले लीजिए | ये अपने पुराने अनुभव को यद् रख सकता है और भविष्य में उनका इस्तेमाल कर सकता है |

3. मस्तिष्क सिद्धांत (Brain Theory)-

यह फिलहाल एक hypothetical concept है जो मानव मस्तिक के सिद्धांत पर आधारित है | इसमें सूचनाओं को समझने और Process करने के लिए उन तर्कों का इस्तेमाल किया जाता है जो मानव मस्तिष्क का इस्तेमाल करता है | यानि की यह इंसान दिमाग की तरह सोचने-समझने और सूचनाओं को प्रोसेस करने में सक्षम हैं |

4. आत्म चेतन (Self Conscious) –

इसे Self Awareness AI भी कहा जाता है | इसके अंतर्गत ऐसी मशीन आती है जो सिर्फ इंसानो की तरह सोच सकती है | बल्कि सुख-दुखः,ईर्ष्या-जलन आदि भी महसूस कर सकती है | यानि की इंसानो की तरह दुसरो की मनस्थिति को समझ सकती है | और यह पता कर सकती है | की सामने वाला इंसान क्या सोच रहा है |

Artificial Intelligence के अनुप्रयोग –

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस की मदद से जटिलताओं का दूर करना और नई सम्भावनाओ को तलाशना काफी आसान हो गया है | आज Education से लेकर Manufacturing और Share Marcket लेकर Space तक हर जगह Ai का प्रयोग रहा है | साथ ही हमारे दैनिक जीवन में भी इसका भरपूर इस्तेमाल हो रहा हैं |

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